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कब्रिस्तान की रात – एक ऐसी रात, जिसका सूरज कभी नहीं उगता...
शहर के बाहर एक पुराना कब्रिस्तान था, जिसके बारे में कहा जाता था कि रात के बारह बजे वहाँ जाने वाला इंसान कभी पहले जैसा वापस नहीं लौटता।
रूहानी को इन अंधविश्वासों पर यकीन नहीं था। लेकिन एक रात उसे अपने घर के दरवाजे पर एक रहस्यमयी खत मिला। खत में सिर्फ इतना लिखा था—
"अगर अपने भाई की मौत का सच जानना चाहती हो, तो आज रात बारह बजे पुराने कब्रिस्तान में आना। लेकिन याद रखना... वहाँ मुर्दे अकेले नहीं हैं।"
अपने भाई की मौत का राज जानने के लिए रूहानी कब्रिस्तान पहुँच जाती है। वहाँ उसे एक पुरानी कब्र, एक बंद कमरा और एक ऐसी आवाज सुनाई देती है, जो उसके भाई की होती है।
धीरे-धीरे उसे पता चलता है कि उसके भाई की मौत कोई हादसा नहीं थी। उस कब्रिस्तान में कई सालों से एक भयानक राज दफन है, और अब वह राज रूहानी की जिंदगी को भी निगलने वाला है।
क्या रूहानी अपने भाई की मौत का सच जान पाएगी?
कौन है वह रहस्यमयी आत्मा, जो हर रात कब्रिस्तान में उसका इंतजार करती है?
और क्या रूहानी सुबह होने से पहले उस कब्रिस्तान से जिंदा बाहर निकल पाएगी?
एक डरावनी, रहस्यमयी और रोमांच से भरी कहानी — कब्रिस्तान की रात।
जहाँ हर कब्र के नीचे एक राज छिपा है... और हर रात किसी की आखिरी रात हो सकती है।